Maa Main Collector Ban Gaya

Maa Main Collector Ban Gaya by Rajesh Patil

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Language Hindi
Contributor(s) Rajesh Patil
Binding Hardcover
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Product Details
Language Hindi
Publication Date 2014-08
Publisher Prabhat Prakashan
Contributor(s) Rajesh Patil
Binding Hardcover
Edition 1
Page Count 176
ISBN 9383111534


Editorial Reviews
अत्यंत अभावग्रस्त स्थितियों से जूझकर आकाश को छूने की उड़ान भरनेवाले संघर्षमय प्रवास को 'माँ, मैं कलेक्टर बन गया' पुस्तक का नायक भले ही राजेश पाटील है, परंतु वह अनगिनत अभावग्रस्त युवकों का प्रतिनिधित्व करता है। एक बाल मजदूर के रूप में निरंतर संर्घषरत रहकर उसने अपने सपनों को कुचला नहीं, उन्हें खोया नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए अद्भुत जिजीविषा और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रदर्शन कर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई और कलेक्टर बन गया। उसने अपने जैसे सैकड़ों-हजारों बालकों-युवकों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। यह पुस्तक हमारी ग्रामीण जनता की गरीबी, अभाव, शिक्षा के निम्न स्तर तथा संघर्ष का एक आईना है। जीवन में कुछ बनने, कुछ कर गुजरने के लिए प्रोत्साहित करनेवाली प्रेरणादायी पुस्तक।

अनुक्रम

भूमिका-7

दो शब्द-11

1. गाँव प्रशासन-15

2. बचपन के दिन-30

3. यदि तुम फेल हो गए तो... 55

4. ताजीऽऽ डबलरोटी-68

5. काम करने में शर्म कैसी?-74

6. बापू, अन्ना से पैसे दिलवाओ!-81

7. ताडे से पुणे-102

8. ...और राह मिल गई! -117

9. अंतिम घोर संघर्ष... 136

10. माँ, मैं कलेक्टर बन गया... 151



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